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भगवान पतित मानव को इतना वर दो
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Author:
Ramnarayan Ravat
Code:
HINR1126_60
Source:
सहगान संगीत भाग २ (Book)
#भगवान
#पतित
#मानव
भगवान पतित मानव को इतना वर दो Document
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Topic Of Source Title
नर से नारायण बन जायें (गीत)
जीवन के बुझते दीपो में (गीत)
जीवन के बुझते दीपो में (गीत)
पितु मातु सहायक स्वामी सखा (गीत)
दिल की धड़कन के साथ चले (गीत)
अब फिर से सतयुग आएगा (गीत)
हम अपना सब कुछ सौंप चुके (गीत)
वह शक्ति हमें दो दयानिधे (गीत)
सुख चाहे यदि नर जीवन का (गीत)
यह जीवन भी क्या जीवन है (गीत)
हरो विश्व विपदा श्रीराम (गीत)
प्यार तुम्हारा ही तो मां (गीत)
प्यार तुम्हारा ही तो मां (गीत)
मन का मैल अगर ज्यों का त्यों (गीत)
जिसने मरना सीख लिया है (गीत)
राष्ट्र को जीवन दो भगवान (गीत)
हे दयामय आपका हमको सदा आधार हो (गीत)
उठो, उठो हे मातृशक्ति अब (गीत)
उठो, उठो हे मातृशक्ति अब (गीत)
तुम्हारे दिव्य दर्शन की मैं इच्छा लेके आई हूं (गीत)
विधाता तू हमारा है (गीत)
समय रहते जगो साथी (गीत)
किसी के काम जो आये (गीत)
दुनियां आगे बढ़ती जाय (गीत)
जगे माँ निज महिमा का ध्यान (गीत)
हम मोड़ने चले हैं युग की प्रचड धारा (गीत)
हम मोड़ने चले हैं युग की प्रचड धारा (गीत)
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना (गीत)
यह मत कहो कि जग में (गीत)
प्रेमी भर तू प्रेम में (गीत)
हाथ जोड़ हम विनय कर रहे (गीत)
हाथ जोड़ हम विनय कर रहे (गीत)
जिसने की उपासना निशदिन (गीत)
रूके नहीं पतवार माझियो (गीत)
राम की महिम अपरम्पार (गीत)
मनुज ही सबसे अधिक महान (गीत)
कहाँ छुपा बैठा है अब तक (गीत)
कहाँ छुपा बैठा है अब तक (गीत)
राही जाना मत पथ मूल (गीत)
मैंने तेरी गीता गाई (गीत)
मैं हूँ अंश तुम्हारा भगवन (गीत)
मैं हूँ अंश तुम्हारा भगवन (गीत)
हे दयालु दयाकर दया कीजिये (गीत)
हम चले शंख अपना बजाते हुए (गीत)
उठो बांसुरी में नई सांस फूंको (गीत)
पास रहता हूँ तेरे सदा मैं अरे (गीत)
पास रहता हूँ तेरे सदा मैं अरे (गीत)
जिसने सुपंथ दिखाया (गीत)
निष्ठा लगन परिश्रम से जो (गीत)
इस दहेज ने ही फैलाया (गीत)
राहें नई दिखा जाता जो (गीत)
है अगर प्रभु प्रेम पाना (गीत)
निज ह्रदय का स्नेह कण-कण (गीत)
भक्ति की झंकार उर के (गीत)
भक्ति की झंकार उर के (गीत)
एक दिन ही जी मगर इंसान बनकर जी (गीत)
एक दिन ही जी मगर इंसान बनकर जी (गीत)
क्यों रूके हो साधना के क्षेत्र में आगे बढ़ो (गीत)
भगवान पतित मानव को इतना वर दो (गीत)
भगवान पतित मानव को इतना वर दो (गीत)
चौपाई धुन क, ख, ग, घ (गीत)
दोहा धुन क, ख (गीत)
श्लोक धुन नं १, २, ३ (गीत)
वाध्य-वृन्द-धुन क्र. १ से ९ (गीत)
छन्द धुन (गीत)
सोरठा धुन (गीत)
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